

ncrkhabar@bhiwadi. केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा है कि भिवाड़ी और खैरथल को भारत का नया मैन्युफैक्चरिंग हब बनाया जाएगा। रविवार को शेरपुर स्थित बाबा मोहनराम मंदिर में दर्शन करने के बाद उन्होंने क्षेत्र को कई सड़क और औद्योगिक परियोजनाओं की सौगात दी।
भिवाड़ी पहले से ही एनसीआर का प्रमुख औद्योगिक केंद्र है, जहां बड़ी संख्या में ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, टेक्सटाइल और अन्य विनिर्माण इकाइयां संचालित हैं। यहां से लाखों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिला है। दिल्ली और गुरुग्राम से निकटता के कारण भिवाड़ी निवेशकों और उद्योगपतियों की पहली पसंद बन चुका है। अब खैरथल के जुड़ने से यह पूरा इलाका एक संगठित औद्योगिक कॉरिडोर के रूप में विकसित होगा।
एनसीआर से निकट होने से उद्यमियों की पहली पसंद भिवाड़ी
गुरुग्राम और मानेसर की तुलना में भिवाड़ी में जमीन की कीमतें अपेक्षाकृत कम हैं और राज्य सरकार की उद्योग हितैषी नीतियों ने औद्योगिक विस्तार को और तेज किया है। वर्तमान में यहां होंडा कार्स और टू-व्हीलर, सेंट गोबैन ग्लास, बीकेटी, श्रीराम पिस्टन एंड रिंग्स लिमिटेड, श्री सीमेंट, केईआई इंडस्ट्रीज जैसी नामी कंपनियों सहित चार हजार से अधिक औद्योगिक इकाइयां संचालित हैं। यहां से गुरुग्राम, मानेसर, फरीदाबाद और बावल स्थित ऑटोमोबाइल कंपनियों के कंपोनेंट भी बनाए जाते हैं।
अलग एसपी कार्यालय से मजबूत कानून व्यवस्था
भिवाड़ी में अलग से पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय की स्थापना के बाद से कानून व्यवस्था की स्थिति काफी बेहतर हुई है। उद्योग जगत के लिए यह बड़ा सकारात्मक बदलाव माना जा रहा है। सुरक्षा और शांति की गारंटी मिलने से यहां निवेश का वातावरण और अनुकूल हुआ है। बेहतर पुलिसिंग औद्योगिक विकास को गति दे रही है और निवेशकों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है।
बुनियादी ढांचे में तेजी से सुधार
यादव ने बताया कि लाडपुर से शेरपुर तक सड़क डामरीकरण पर 120 लाख रुपये तथा शेरपुर से गैलपुर वाया जोड़ियां, चावण्डी, भौकर तक सड़क चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण पर 1750 लाख रुपये व्यय होंगे। उन्होंने कहा कि खैरथल-तिजारा जिले को भर्तृहरि नगर के रूप में स्थापित कर यहां के एमएसएमई को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई जाएगी।
क्षेत्र में अब तक ढाई सौ करोड़ रुपये की सड़क परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं, वहीं खैरथल से ORB तक 50 करोड़ रुपये की परियोजनाएं और मेवात क्षेत्र के लिए विशेष विकास फंड भी स्वीकृत हो चुका है। किशनगढ़ बास में 71 करोड़ रुपये की लागत से पेयजल योजना और यमुना लिंक प्रोजेक्ट के तहत 5000 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया गया है, जिससे गांवों में पानी की समस्या दूर होगी। रोजगार और स्किल डेवलपमेंट को बढ़ावा देने के लिए नई फैक्ट्रियों और आईटीआई की स्थापना की जा रही है। ग्रामीण स्कूलों में खेल और लाइब्रेरी सुविधाओं का विस्तार भी हो रहा है। भिवाड़ी इंटीग्रेटेड डवलपमेंट अथॉरिटी (BIDA) को अपग्रेड कर भिवाड़ी विकास प्राधिकरण (BDA) का गठन किया गया है, जिससे औद्योगिक ढांचे को गति मिलेगी।




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