
ncrkhabar@Bhiwadi. राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में प्रदूषण की गंभीर समस्या से निपटने के लिए भिवाड़ी में शुक्रवार को “ब्रीथ ऑफ चेंज” अभियान की शुरुआत की गई। कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (सीएक्यूएम) की इस पहल को राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (आरएसपीसीबी) और राहगीरी फाउंडेशन का सहयोग प्राप्त है। इस अभियान का उद्देश्य शहरों में वायु गुणवत्ता सुधार के लिए सड़क धूल नियंत्रण, हरियाली बढ़ाने और प्रदूषण मुक्त परिवहन प्रणाली को बढ़ावा देना है।

इंटरैक्टिव कार्यशाला से मिला समाधान का खाका
आरएसपीसीबी के आरओ अमित जुयाल ने बताया कि
ब्रीथ ऑफ चेंज” अभियान के शुभारंभ के अवसर पर अधिकारियों और इंजीनियरों के लिए एक दिवसीय तकनीकी कार्यशाला आयोजित हुई, जिसमें भिवाड़ी और नीमराना से आए प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यशाला का मुख्य फोकस “कंप्लीट स्ट्रीट्स” विकसित करने पर रहा। इसमें सड़कों पर धूल प्रदूषण को नियंत्रित करने, पैदल यात्रियों और साइकिल सवारों के लिए सुरक्षित मार्ग बनाने तथा सार्वजनिक परिवहन पर आधारित ढांचे को मजबूत करने के उपाय साझा किए गए।
सीएक्यूएम रिसोर्स हब बनेगा प्रशिक्षण और प्रदर्शन केंद्र
अभियान के तहत भिवाड़ी में एक “सीएक्यूएम रिसोर्स हब” स्थापित किया जाएगा। यह केंद्र सड़क डिजाइन सुधार, हरियाली बढ़ाने, नियमित सफाई और स्मार्ट धूल नियंत्रण तकनीकों पर अधिकारियों को प्रशिक्षण देगा। इससे नगर विकास योजनाओं में पर्यावरण-अनुकूल उपायों को लागू करने में आसानी होगी।
धूल और धुएं पर नियंत्रण है बड़ी चुनौती
विशेषज्ञों ने बताया कि दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण का 18-38 प्रतिशत हिस्सा सड़कों व खुले क्षेत्रों से उड़ने वाली धूल और 20-41 प्रतिशत हिस्सा वाहनों के उत्सर्जन से आता है। ऐसे में “धूल और धुआं” पर नियंत्रण ही स्वच्छ हवा की दिशा में सबसे प्रभावी कदम साबित हो सकता है। सीएक्यूएम के वैज्ञानिक डॉ. रमेश कुमार ने कहा कि ‘ब्रीथ ऑफ चेंज’ कार्यशाला हमारे अधिकारियों और इंजीनियरों को ठोस समाधान लागू करने के उपकरण देती है। वहीं राहगीरी फाउंडेशन की निदेशक निधि मदान ने कहा कि यह पहल भिवाड़ी के लिए मानव-केंद्रित और स्वच्छ शहरी भविष्य का मार्ग प्रशस्त करेगी।
भिवाड़ी समेत नौ शहरों में लागू होगा अभियान
यह पहल सिर्फ भिवाड़ी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि एनसीआर के नौ चिन्हित शहरों में लागू की जाएगी। इनमें नीमराना भी शामिल है। सड़क धूल नियंत्रण की कार्ययोजनाओं को लागू करने के लिए चालू वित्तीय वर्ष में आवश्यक बजट और संसाधन उपलब्ध करा दिए गए हैं। उद्योग और जनसंख्या घनत्व के कारण भिवाड़ी वायु प्रदूषण की मार झेलता रहा है। ऐसे में “ब्रीथ ऑफ चेंज” अभियान से यहां की वायु गुणवत्ता सुधारने, सड़कों को स्वच्छ और सुरक्षित बनाने तथा निवासियों को राहत देने की दिशा में ठोस परिवर्तन की उम्मीद की जा रही है।

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