भिवाड़ी में जलभराव निस्तारण पर केंद्रीय मंत्री ने उद्योगपतियों से की अहम बैठक, उपचारित जल का औद्योगिक उपयोग सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

SHARE:

कस्बे के रीको रेस्ट हाउस में जलभराव को लेकर उद्योगपतियों व अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देते केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव।

Ncrkhabar@Bhiwadi. केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री और अलवर सांसद भूपेंद्र यादव की अध्यक्षता में शुक्रवार को रीको गेस्ट हाउस सभागार में उद्योगपतियों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य भिवाड़ी में जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान ढूँढना और औद्योगिक क्षेत्रों में अपशिष्ट जल प्रबंधन को प्रभावी बनाना था। केंद्रीय मंत्री ने उद्योगपतियों को पर्यावरण संरक्षण और अपशिष्ट जल के सही प्रबंधन के प्रति जागरूक करते हुए उपचारित जल के पुनः औद्योगिक उपयोग पर जोर दिया।

बैठक में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने औद्योगिक क्षेत्रों में सीईटीपी (सेंट्रल इफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट) की प्रभावी मॉनिटरिंग और उत्पादन के अनुरूप अपशिष्ट जल के उपचार के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्थिति में उपचारित किए बिना अपशिष्ट जल को खुली नालियों में नहीं छोड़ा जाना चाहिए।विशेषज्ञों ने बैठक में भिवाड़ी जलभराव समस्या के समाधान हेतु प्रस्तावित डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) की जानकारी दी। इसमें घरेलू जल, औद्योगिक अपशिष्ट जल और वर्षा जल का पृथक्करण कर उपचारित जल को औद्योगिक इकाइयों के लिए पुनः उपलब्ध कराने की योजना शामिल है। भिवाड़ी क्षेत्र में वर्तमान में 6 एमएलडी क्षमता की सीईटीपी पहले से स्थापित है, जबकि 34 एमएलडी क्षमता का एसटीपी निर्माणाधीन है। इसे एडिशनल और टर्शरी ट्रीटमेंट तकनीक से आधुनिक बनाकर औद्योगिक इकाइयों के जल मानकों के अनुसार पानी उपलब्ध कराया जाएगा। केंद्रीय मंत्री ने औद्योगिक इकाइयों को निर्देश दिए कि वे अपने जल उपयोग के पैरामीटर साझा करें ताकि एसटीपी को अपग्रेड कर गुणवत्ता के अनुरूप पानी सप्लाई किया जा सके। बैठक में यह भी बताया गया कि भिवाड़ी और चौपानकी औद्योगिक क्षेत्रों में लगभग 10.2 एमएलडी पानी का उपयोग हो रहा है। आगामी योजना के तहत एसटीपी से उपचारित जल औद्योगिक इकाइयों को उपलब्ध कराने के साथ-साथ शेष जल कृत्रिम झील और सारेखुर्द बांध तक पहुँचाया जाएगा। सत्र के दौरान केंद्रीय मंत्री ने नागपुर, चंद्रपुर, भुसावल, नासिक और बेंगलुरु जैसे शहरों में उपचारित जल का औद्योगिक उपयोग सफलतापूर्वक हो रहे प्रोजेक्ट्स का उदाहरण दिया। तिजारा विधायक महंत बालक नाथ योगी ने चौपानकी, खुशखेड़ा और कहरानी औद्योगिक क्षेत्रों में एसपीवी (स्पेशल पर्पज व्हीकल) के गठन और सीईटीपी निर्माण कार्य की गति बढ़ाने पर जोर दिया।केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों और उद्योगपतियों को निर्देश देते हुए कहा कि एसपीवी का शीघ्र गठन कर सीईटीपी की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जाए ताकि अपशिष्ट जल प्रबंधन की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जा सके। बैठक में जिला कलक्टर किशोर कुमार, मुख्य कार्यकारी अधिकारी बीड़ा आईएएस अतुल प्रकाश, अतिरिक्त जिला कलेक्टर सुमित्रा मिश्र, सेंट्रल और स्टेट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड, वॉटर रिसोर्सेस डिपार्टमेंट, ग्राउंडवाटर विभाग के अधिकारी और विभिन्न औद्योगिक संगठन के पदाधिकारी एवं उद्योगपति उपस्थित थे।

 

Leave a Comment

Our Visitor

4 5 7 5 9 3
Users Today : 189
Total Users : 4575939
Views Today : 234
Total views : 4596801
Read More