

ncrkhabar@bhiwadi. सोशल मीडिया पर “यूआईटी फेज-3 में मुर्गों की लड़ाई के नाम पर सट्टा धंधा, पुलिस बनी बेखबर” शीर्षक से वायरल हुआ वीडियो पूरी तरह झूठा निकला है। भिवाड़ी फेज थर्ड थाना पुलिस की जांच में सामने आया कि यह वीडियो दीपावली की पारंपरिक रस्म का हिस्सा था, जिसे भ्रामक तरीके से प्रस्तुत किया गया। पुलिस ने जांच के बाद पांच युवकों को शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार किया है। थाना प्रभारी सत्यनारायण ने बताया कि दीपावली के अवसर पर हरचंदपुर गांव में जाटव समाज के लोग वर्षों से एक-दूसरे को मुर्गे भेंट करने की परंपरा निभाते हैं। 22 अक्टूबर को इसी परंपरा के तहत दो ग्रामीण — सतीश और चंचल कुमार — अपने मुर्गे लेकर जा रहे थे। रास्ते में उनके मुर्गे आपस में भिड़ गए, जिसे कुछ युवकों ने मोबाइल से रिकॉर्ड कर लिया। बाद में किसी अज्ञात व्यक्ति ने इस वीडियो को सट्टेबाजी का वीडियो बताकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। पुलिस ने जब वीडियो की सत्यता की जांच की, तो यह पूरी तरह भ्रामक पाया गया। मौके पर पहुंची जांच टीम ने ग्रामीणों और सीएलजी सदस्यों से पूछताछ की, जिन्होंने बताया कि यह केवल दीपावली की पारंपरिक रस्म थी, न कि कोई जुए या सट्टेबाजी का आयोजन। जांच में पता चला कि वीडियो में नजर आने वाले पांच युवक — सतीश, दीपक कुमार, चंचल कुमार, अर्जुन सिंह (मातौर, खैरथल हाल हरचंदपुर) और अनिल साह (सीतामढ़ी, बिहार हाल हरचंदपुर) — उस समय मौके पर मौजूद थे। पूछताछ के दौरान उन्होंने बताया कि उन्होंने कोई सट्टेबाजी नहीं की, बल्कि यह केवल दीपावली की परंपरा थी। हालांकि, पुलिस की समझाइश के बावजूद उन्होंने हंगामा किया और वीडियो बनाने वालों को धमकाने लगे, जिसके बाद पुलिस ने पांचों को शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। थाना प्रभारी ने कहा कि सोशल मीडिया पर फर्जी और भ्रामक खबरें फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी वीडियो या पोस्ट को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य करें।



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