
Crime@ncrkhabar. com-Bhiwadi. मादक पदार्थों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) जयपुर, आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) गुजरात और थाना भिवाड़ी फेज-तृतीय पुलिस ने संयुक्त अभियान में कहरानी औद्योगिक क्षेत्र में संचालित एक अवैध ड्रग्स फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने करीब 60 करोड़ रुपए मूल्य का प्रतिबंधित नशीला पदार्थ जब्त कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में फैक्ट्री मालिक अंशुल शास्त्री निवासी आगरा (उत्तर प्रदेश), अखिलेश मौर्य निवासी संत रविदास नगर (उत्तर प्रदेश) और केमिस्ट कृष्ण कुमार यादव निवासी वाराणसी शामिल हैं। तीनों आरोपी वर्तमान में भिवाड़ी में रहकर अवैध रूप से नशीले पदार्थों का निर्माण और सप्लाई कर रहे थे। संयुक्त टीम ने एपीएल फार्माकेम नाम से संचालित फैक्ट्री पर छापा मारकर 4.850 किलोग्राम अल्प्राजोलम और 17.250 किलोग्राम टेमाजेपाम, प्राजेपाम व सनसेट येलो एफसीएफ के मिश्रण सहित भारी मात्रा में नशीले केमिकल पाउडर बरामद किए। आरोपी इन पदार्थों को छोटे-छोटे पैकेटों में भरकर कैप्सूल के रूप में बाजार में सप्लाई कर रहे थे। जांच में सामने आया है कि आरोपी अब तक चार से पांच किलोग्राम नशीला माल पहले ही बाजार में बेच चुके थे।भिवाड़ी पुलिस अधीक्षक प्रशांत किरण ने बताया कि अंशुल शास्त्री और अखिलेश मौर्य केमिकल इंजीनियर हैं और पहले एक फार्मा यूनिट में प्लांट हेड के रूप में काम कर चुके हैं। आरोपियों ने पहले सोलेरा फार्मा के नाम से जीएसटी पंजीकरण करवाया था, लेकिन वर्तमान में चल रही एपीएल फार्माकेम फैक्ट्री का कोई पंजीकरण नहीं कराया गया था। इसके बावजूद यहां अवैध रूप से अल्प्राजोलम पाउडर तैयार कर कैप्सूल के रूप में बाजार में उतारा जा रहा था।एसपी ने बताया कि आरोपी तीन दिन पहले ही कहरानी औद्योगिक क्षेत्र में किराए पर फैक्ट्री लेकर उत्पादन शुरू करने की बात स्वीकार कर चुके हैं, जबकि इससे पहले खुशखेड़ा क्षेत्र में भी इसी तरह का अवैध उत्पादन किया जा रहा था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कच्चा माल कहां से लाया जा रहा था और तैयार नशीला पदार्थ किन-किन लोगों और नेटवर्क के जरिए सप्लाई किया जा रहा था।
अल्प्राजोलम क्या है और क्यों खतरनाक
अल्प्राजोलम एक नियंत्रित दवा है, जिसका उपयोग डॉक्टर की सलाह पर घबराहट, पैनिक अटैक, तनाव और अनिद्रा जैसी समस्याओं के इलाज में सीमित अवधि के लिए किया जाता है। यह दवा मस्तिष्क की नसों को शांत करती है, लेकिन बिना चिकित्सकीय सलाह इसके सेवन से गंभीर दुष्प्रभाव हो सकते हैं। अत्यधिक नींद, चक्कर आना, याददाश्त कमजोर होना, मानसिक सुस्ती, अवसाद और नशे की लत इसके प्रमुख खतरे हैं। लंबे समय तक सेवन से शारीरिक व मानसिक निर्भरता बढ़ जाती है और गंभीर मामलों में सांस लेने में भी परेशानी हो सकती है। अल्प्राजोलम का अवैध निर्माण, बिक्री और दुरुपयोग एनडीपीएस एक्ट के तहत गंभीर अपराध है।


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